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8 खबरें

प्रदेश से देश तक। खबरें, काम की जानकारी और पढ़ने लायक किस्से।

श्योपुर / वन

भारत में जन्मे 32; साढ़े तीन वर्ष

22 जून 2026, 14:40। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु। कूनो नेशनल पार्क, दो दिवसीय प्रवास का सोमवार। चीता मित्रों से वन-टू-वन संवाद। देश में चीते 52: कूनो 49, मंदसौर गांधीसागर 3। भारत में जन्मे 32। परियोजना साढ़े तीन वर्ष से अधिक। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना से लाए गए। चित्र संवाद का फ्रेम है, 52 चीते नहीं।

मणिपुर · जलाशय मत्स्यपालन

मपीथेल: पेन में बीज बड़ा कर जलाशय में छोड़ा

मपीथेल के विस्थापित मछुआरों की सहकारी समिति के साथ दो पेन में 50,000 भारतीय प्रमुख कार्प बीज बड़ा किया गया। सितंबर 2022 से जनवरी 2023 के परीक्षण में जीवित रहने की दर 80–88 प्रतिशत दर्ज हुई।

अशोकनगर / फीचर

अशोकनगर: खिड़की में करघा, नाम नहीं

18 फरवरी 2025 को चंदेरी क्राफ्ट विलेज की एक खिड़की में करघा अंदर अंधेरे में दिखता है, बाहर पीली दीवार पर गुलाबी-नीली पट्टी। चित्र Shoot stufz का है। 6 सितंबर 2026 को अशोकनगर की चंदेरी साड़ी दुबई की जीआई प्रदर्शनी की सूची में थी। फीचर खिड़की और सूची को जोड़ता है, खिड़की वाली महिला को बुनकर-नायक नहीं बनाता।

रायसेन / वन

सुसनेर परसूलिया; जीपीएस 25 मार्च

12 अप्रैल 2026, 21:06। वन विहार वीसीबीसी। मादा सिनेरेयस गिद्ध, एजिपीयस मोनाकस; लगभग 2 वर्ष। रेस्क्यू 22 जनवरी: शाजापुर, सुसनेर रेंज, ग्राम परसूलिया। 9 फरवरी वीसीबीसी। 25 मार्च जीपीएस–जीएसएम; डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया, बीएनएचएस। हलाली डैम, रायसेन, छोड़ने के बाद 6 अप्रैल पाकिस्तान; 7 अप्रैल खानेवाल ओलावृष्टि, बरामद। चित्र उपचार-केंद्र का फ्रेम है, उड़ान नहीं।

ग्वालियर का जलमंच

बैजाताल में पानी के बीच बना मंच, किनारों पर दर्शकों की जगह

मोती महल के सामने बैजाताल में बीच का चबूतरा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की जगह है। इस जलाशय की कहानी मंच, बगीचे और पानी सँभालने की व्यवस्था को एक साथ जोड़ती है।

इंदौर / फाइबर सेंसर

पटरी का खिंचाव रोशनी में कैसे पढ़ें?

फाइबर के भीतर बनी नियमित धारियाँ चुनी हुई रोशनी लौटाती हैं; खिंचाव उस लौटी तरंगदैर्ध्य को बदल देता है।

कौशल / उज्जैन–इंदौर

रीना गुप्ता और ज्योतिबाला राठौर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुनी गईं

केंद्रीय सूची में मध्यप्रदेश की दो व्यावसायिक प्रशिक्षण अधिकारियों का चयन अलग-अलग प्रशिक्षण योगदान के लिए दर्ज हुआ।

उमरिया · प्रजाति पुनर्स्थापन

गौर लौटे, अब विविधता की अगली योजना

2011–12 में कान्हा से लाए 50 गौर ने बांधवगढ़ में फिर आबादी बनाई; 2024–27 की नई परियोजना उसी छोटी, अलग आबादी में आनुवंशिक विविधता बढ़ाने की योजना है।

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