चौथी पर्ची गिद्ध की है, मुखी की जुड़वाँ नहीं। जगह पहले: परसूलिया, सुसनेर, शाजापुर। जगह फिर: वन विहार वीसीबीसी, भोपाल। जगह छोड़ने की: हलाली डैम, रायसेन। नाम वैज्ञानिक: एजिपीयस मोनाकस।
22 जनवरी घायल रेस्क्यू। 9 फरवरी स्थानांतरण। पहचान: मेटल रिंग, माइक्रोचिप। 25 मार्च टेलीमेट्री। सहयोग: डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया, बीएनएचएस। मुख्यमंत्री इस बाड़े में नहीं बोले; नेतृत्व की पंक्ति शीट की है, मंच नहीं।
जो 6 अप्रैल है, जो 4,300 नहीं
रिहाई के बाद राजस्थान होते हुए 6 अप्रैल पाकिस्तान। 7 अप्रैल सिग्नल नहीं; खानेवाल–मुल्तान ओलावृष्टि; स्थानीय कैप्टिव सेंटर। गुमटी वापसी की तिथि नहीं लिखती।
2025: यूरेशियन ग्रिफॉन, 29 मार्च हलाली, 4,300 किमी कजाकिस्तान—दूसरी पर्ची। 23 फरवरी 2026: चार लॉन्ग-बिल्ड और एक सिनेरेयस, पाँच—तीसरी। चित्र ज़मीन पर पंख फैले गिद्ध का है। उड़ान इस कोण में नहीं।
मुख्य बातें
- लगभग 2 वर्ष आयु की मादा है; पाँच गिद्ध वाली 23 फरवरी की पर्ची अलग है।
- 6 अप्रैल पाकिस्तान पहुँचने की निगरानी है, उसी दिन की रिहाई नहीं।
- 4,300 किमी 29 मार्च 2025 के यूरेशियन ग्रिफॉन की पंक्ति है, इस मादा की नहीं।
स्रोत और संदर्भ
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क · वन विहार हो रहा है गिद्ध संरक्षण के अंतर्राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित ↗12 अप्रैल 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।



